जानकारी की जाँच की तारीख़: 27 अक्टूबर 2026। प्रकाशक: MDG Services। प्रकाशन की तारीख़: 4 नवंबर 2026।
कदम, क्रम से
यह पेज उन पंप मालिकों के लिए है जिन्होंने ट्रांसपोर्टर जैसे पक्के ग्राहकों को उधार पर डीज़ल दिया है, दोस्त को दिए पैसों के लिए नहीं।
| कदम | कब | क्या चाहिए |
|---|---|---|
| 1. अपना रिकॉर्ड जाँचिए | सबसे पहले | बिल, साइन की हुई पर्चियाँ, पेमेंट की एंट्री और बकाया। देखें क्या सबूत माना जाता है |
| 2. लिखित माँग (लीगल नोटिस) | याद दिलाने से बात न बने | रकम, बिल, पैसे देने की तारीख़, और भेजने का सबूत। आम तरीका है; चेक बाउंस की शिकायत के लिए यह ज़रूरी है NI Act 1881, s.138 |
| 3. मीडिएशन | ₹3 लाख या उससे ज़्यादा का कमर्शियल विवाद, मुक़दमे से पहले | ₹3 लाख या उससे ज़्यादा के कमर्शियल विवाद में पहले मीडिएशन आज़माना ज़रूरी है Commercial Courts Act 2015, s.12A। आपका विवाद इसमें आता है या नहीं, एडवोकेट से पूछें |
| 4. समरी सूट | लिखित कॉन्ट्रैक्ट या बिल से तय रकम बनती हो | तेज़ रास्ता CPC, Order XXXVII |
| 5. आम मुक़दमा | समरी सूट आपके मामले में न बैठे | एडवोकेट बनाएगा; मीडिएशन फिर भी पहले आ सकता है (कदम 3) |
आपका विवाद "कमर्शियल विवाद" है या नहीं, यह एडवोकेट से पूछने की बात है।
ब्याज
देर से पेमेंट पर ब्याज तब ज़्यादा पक्का रहता है जब पहली उधार भराई से पहले लिखित तय हो, जैसे बिल की उन शर्तों में जो ट्रांसपोर्टर ने मानी हों। कुछ तय न हुआ हो तो कोर्ट तय करता है Interest Act 1978, s.3। इसे शुरू से अपनी उधार की शर्तों में लिखिए।
जो हम नहीं बताते
कोर्ट फ़ीस, केस में कितना समय लगता है और स्मॉल कॉज़ेज़ कोर्ट की सीमाएँ अलग-अलग हैं, इसलिए हम कोई आँकड़ा नहीं देते। सिर्फ़ खाता लिखित कॉन्ट्रैक्ट माना जाएगा या नहीं, यह तय नहीं है। कोई कदम पैसे की गारंटी नहीं देता, और हर कदम की अपनी समय सीमा है: देखें वसूली की समय सीमा। रजिस्टर्ड सूक्ष्म या छोटे सप्लायर के पक्ष में पेमेंट की समय-सीमा का एक नियम भी हो सकता है, पर पंप इसमें आता है या नहीं, यह शक की बात है: देखें MSME का 45 दिन का नियम। नोटिस, मीडिएशन और समरी सूट का मतलब शब्दकोश में है।
इन सबसे पहले शांति से याद दिलाइए: उधार वसूली के उपाय। धमकी या सबके सामने बेइज़्ज़ती उल्टी पड़ सकती है। शक हो तो एडवोकेट से पूछें। हर संदेश नरमी से लिखिए।
खाता कवच नोटिस नहीं भेजता और पैसा वसूल नहीं करता। वह दोनों तरफ़ दिखने वाला हिसाब रखता है: हर भराई, नंबर वाले बिल, और आपके दर्ज किए हर पेमेंट।
यह सामान्य जानकारी है, कानूनी सलाह नहीं। अपने मामले के लिए किसी एडवोकेट या चार्टर्ड अकाउंटेंट से बात करें।
लोगों के सवाल
01लीगल नोटिस में क्या लिखें?
आप कौन हैं, कौन-से बिल और कितनी रकम बाकी है, तारीख़ें, कितनी रकम माँग रहे हैं, पैसे देने की आख़िरी तारीख़ और कैसे देने हैं। कॉपी और भेजने का सबूत रखिए। शांति से लिखिए: न धमकी, न गाली।
02क्या मीडिएशन और कोर्ट एक ही चीज़ है?
नहीं। यह किसी निष्पक्ष व्यक्ति के साथ बैठकर मुक़दमा दायर करने से पहले समझौता करने की कोशिश है। समझौता हो गया तो मुक़दमा नहीं होता। इसे कौन चलाता है और कितना समय लगता है: एडवोकेट से पूछें।
03क्या समरी सूट जल्दी होता है?
समरी सूट आम मुक़दमे से तेज़ है, पर तुरंत नहीं CPC, Order XXXVII। आपके कोर्ट में यह कैसे चलेगा, एडवोकेट से पूछें। समय हम नहीं बताते, क्योंकि हर कोर्ट में अलग होता है।
04ब्याज तय नहीं हुआ था तो क्या होगा?
तब कोर्ट तय करता है कि ब्याज मिले या नहीं, और किस दर से Interest Act 1978, s.3। ब्याज माँगना है या नहीं, और किस तारीख़ से, यह एडवोकेट से पूछने की बात है।
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खाता कवच के बारे में (विज्ञापन)
खाता कवच, पेट्रोल पंपों के लिए MDG Services का साझा उधार खाता है। हर गाड़ी भरने से पहले ट्रांसपोर्टर रिक्वेस्ट भेजता है, नोज़ल मैन भरने से पहले उधार की सीमा देखता है, और दोनों तरफ़ हर भराई, हर पेमेंट और हर बिल दिखता है। यह न उधार देता है, न आपका पैसा अपने पास रखता है।